W3C

उभरती हुई वैश्विक अर्थव्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय मानक

स्टीव मिल्स, IEEE-SA के अध्यक्ष द्वारा

अंतरराष्ट्रीय मानकों के प्रतिमान बदल रहे हैं. पारंपरिक मॉडल जिसमें देश के राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व वाले निकायों द्वारा मानकों को अपनाने की प्रेरणा अच्छी तरह जाना जाता है, किन्तु हमने भी एक पूरक मॉडल के उद्भव को देखा है, जहां वैश्विक बाजार अंतरराष्ट्रीय मानकों का परिनियोजन अपने औपचारिक दर्जे की परवाह किए बिना करता है. इस पेपर में, मैं वर्णन करुंगा कि कैसे मानक निकाय और उद्योग, अधिक सूक्ष्म और दोहरे-मॉडल अंतरराष्ट्रीय मानक प्रतिमान को अपना रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय मानकों में नवीनता आ रही है, जो बाजार के विकास में योगदान देता है और सदियों तक श्रमिकों और सामान्य जनता के स्वास्थ्य की रक्षा एवं सार्वजनिक सुरक्षा करेगा. परंपरागत रुप से, ये गतिविधियां राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व के सिद्धांतों के आसपास केंद्रित थीं, जो उस तरह से संरेखित हैं जिस तरह दुनिया भर में बाजार आयोजित हैं. मानकों के यह महत्वपूर्ण कार्य नहीं बदल रहे. आज, विश्व को अंतरराष्ट्रीय मानकों की उत्पादों और सेवाओं के निर्माण को सक्षम बनाने की आवश्यक्ता पहले से कहीं अधिक है, जो विश्व स्तर पर लागू होगा और ग्राहकों द्वारा प्रयोग किया जाएगा.

बाजारों की बढ़ती भूमंडलीकरण और बाजार के मानक का गतिशील होना, बदल रहा है. तकनीकी उन्नती में आ रही तेजी और समय एवं बाजार मांग की बढ़ोत्तरी के साथ मिलकर वैश्वीकरण उपभोक्ताओं की उम्मीदों को प्रभावित करता है. वैश्विक मानकों को परिभाषित करने के और अधिक कुशल तरीकों द्वारा उद्योग जवाब दे रहा है जो बदले में वैश्विक बाजार का विस्तार करता है. इस प्रकार, वैश्विक मानक प्रतिमान विकसित हो रहा है.

जैसा कि आप देख सकते, वैश्विक बाजारों की अर्थव्यवस्था इस सूक्ष्म भेद युक्त, दोहरे मॉडल वाले अंतरराष्ट्रीय मानक प्रतिमान को चलाता है. यहां पर उपभोक्ताओं को बेहतर अंतर अन्तरसंक्रियता, अधिक सरलता और अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों से लाभ होता है. कई मायनों में, विश्व स्तर पर परिनियोजित मानक विश्व में वह लाने के लिए आवश्यक हैं जिसकी मानव जाती इच्छा करता है.

इंटरनेट इस डायनामिक का एक प्रमुख उदाहरण है. W3C, IETF एवं IEEE संयुक्त रुप से मानकों के समूह को दर्शाता है जो इंटरनेट की नींव है. साथ में, ये मानक, वैश्विक अर्थव्यवस्था और सामाजिक मॉडल के विकास में प्रमुख सुविधाप्रदाता रहा है जिसने अरबों जीवन को छुआ है, लेकिन वे स्टैन्डर्ड स्वीकरण के परंपरागत, राष्ट्रीय-प्रतिनिधित्व मॉडल द्वारा नियुक्त नहीं हुए हैं. ये संगठनें, अपने घटकों के माध्यम से, वैश्विक उपभोक्ताओं के लिए नए उत्पाद बनाने और प्रदान कराने के लिए, बाजार की गति से संचालित होता है.

यह उदाहरण वैश्विक बाजार की प्रौद्योगिकी एवं उत्पाद प्राप्त करने की शक्ति को दर्शाता है जिसकी उन्हे चाह है और समाधान उपलब्ध कराने के लिए उन्हे जिस भी मानक की आवश्यक्ता हो. वैश्विक बाजार द्वारा संचालित नवाचार की संस्कृति की आवश्यक्ता है कि स्टैन्डर्ड वातावरण सीमारहित हो जाए और वास्तविक विश्व में, व्यवहारिक अनुप्रयोग, स्टैन्डर्ड वातावरण प्रत्युत्तर दे रही है.

इसलिए, वैश्विक सत्य जिसका मानक समुदाय आज सामना कर रहा है वह यह है कि हम अधिक से अधिक अलग अलग प्रकार के अंतरराष्ट्रीय मानक प्रतिमान के साथ काम कर रहे हैं जिसमे वैश्विक बाजार की अर्थव्यवस्था, तकनीकी प्रगती द्वारा चलित, मानकों की औपचारिक स्तिथि की परवाह किए बिना उनका परिनियोजन हो रहा है. अतः, हमारी मुख्य प्रेरणा शक्ति निरंतर विकास और बाजार का सुदृढ़ीकरण होना चाहिए. और इसका मतलब यह है कि हमे अंतरराष्ट्रीय उपयोग हेतु मानक विकसित करने के लिए और अधिक आर्थिक रुप से संचालित मॉडल विकसित करने चाहिए.